Don't you ever get curious ?

Who is running your breathe, is running everything .

Excercise

अनुभव करो की कोई आपका अपना किसी अस्पताल में भर्ती है और आपके पास फीस भरने के पैसे नहीं है | आप अपने सभी दोस्तों जानकारों के पास पैसे मांगने जाते है, पर सभी से निराशा ही हाथ लगती है |

आप निराश मन से अस्पताल लौट आते है | वहां आपको पता चलता है की आपका बिल तो कोई भर गया है |

तो आपको अचानक क्या पहला अहसास होता है ?

यह प्रश्न आता है न की अरे किसने जमा कराये ?
मुझे उसका धन्यवाद करना चाहिए, उससे मिलकर उसका धन्यवाद करना चाहिए |
यही ना .....

एक जिज्ञासा सी पैदा होती है की कौन है वह जिसने मेरी मदद की ?

तो यही जिज्ञासा उसके प्रति क्यों नहीं होती जिसने हमें साँसे दी है ?
तो यही जिज्ञासा उसके प्रति क्यों नहीं होती जिसने हमें यह मनुष्य शरीर दिया है ?
तो यही जिज्ञासा उसके प्रति क्यों नहीं होती जो शिव तत्व के रूप में हमारे अन्दर विराजमान है, जिसके निकलते ही यह शरीर मात्र शव रह जायेगा ?

हमें जिज्ञासा उसको जानने के लिए होनी चाहिए जो हम पर इतनी अहितेतु (बिना किसी कारण) कृपा करता है |

"इंसान जब देता है तो जता देता है , वो साँसे देकर भी अपना पता नहीं देता |"

More Work

Shri Bhaiya always tells Analyse yourself, Question yoursel from each angle.

Unlimited Love

Shri Bhaiya loves His Guru Maharaj as a Lover. He sings for Him all kind of songs as per His mood.

Unshakable Trust

Shri Bhaiya has faith in His Guru Maharaj which is unshakable. We are also trying to have faith like Him.

Unconditional Surrender

Shri Bhaiya tells us we should surrender ourselves and our all goods and bads in front of our Guru Ji, but it should not be conditional.